विभिन्न संस्थाए


1- पारमार्थिक संस्थाएं :-
(1) श्रीराधासर्वेश्वर छात्रावास :- यह छात्रावास आचार्य पीठ सलेमाबाद में है। वर्तमान में यहा पर श्रीसर्वेश्वर संस्कृत महाविद्यालय में अध्ययनरत लगभग 100 छात्र रहते है। जिनके भोजन, प्रकाश एवं वस्त्रादि की व्यवस्था आचार्य पीठ द्वारा नि:शुल्क की जाती है।
(2) श्रीनिम्बार्क मुद्रणालय :- यह मुद्रणालय आचार्य पीठ सलेमाबाद में स्थित है। यहा से श्रीनिम्बार्क पाक्षिक पत्र धार्मिक, नूतन साहित्य, प्राचीन ग्रन्थों का सानुवाद प्रकाशन किया जाता है। यहीं से श्रीनिम्बार्क व्रतोत्सव नामक पुस्तिका का भी प्रकाशन किया जाता है, जिसमें पूरे वर्ष के व्रत एवं महोत्सवों की जानकारी दी जाती है।
(3) श्रीनिम्बार्क पाक्षिक नत्र :- यह पत्र पाक्षिक रूप में अंग्रेजी मास की 3 और 18 तारीख को प्रतिपक्ष प्रकाशित होता है। इसके मुख् पृष्ठ पर सदुपदो के अतिरिक्त धार्मिक लेख एवं जीवनोपयोगी सुन्दर सामग्री प्रकाशित होती है।
(4) श्रीसर्वेश्वर प्रेस :- यह प्रेस वृन्दावन में स्थित है। यहा से श्रीसर्वेश्वर मासिक पत्रिका, विशेषांक, धार्मिक एवं स्वसंंप्रदाय सम्बन्धित ग्रन्थों का प्रकाशन किया जाता है।
(5) श्रीसर्वेश्वर मासिक पत्र :- यह शोधपूर्ण धार्मिक मासिक पत्र विगत 58 वर्षों से आपश्री जगद्गुरु निम्बार्काचार्य श्रीराधासर्वेश्वररण्देवाचार्य श्री श्रीजी महाराज के संरक्षण में श्री श्रीजी मन्दिर वृन्दावन से प्रकाशित हो रहा है। इसके अनेक विशेषांक प्राय: सभी के लिये संग्रहणीय है।
(6) सन्त सेवा :- आचार्य पीठ की तरफ से आचार्य पीठ, वृन्दावन एवं निम्बग्राम स्थित मन्दिरेां में पधारने वाले सन्तों के लिये नि:शुल्क भोजन तथा आवास की व्यवस्था की जाती है।
(7) निम्बार्क नगर :- प्रयाग, हरिद्वार, उज्जैन, नासिक एवं वृन्दावन के महाकुम्भादि पर्वो पर श्रीनिम्बार्क नगर का भव्य निर्माण होता है। जहा श्रीसनाकादि महर्षि संसेवित श्रीसर्वेश्वर प्रभु की सेवा तथा उनके दिव्य दर्शन एवं अखण्ड श्रीभगवाम संकीर्तन, अनुष्ठान, पाठ, कथा-प्रवचन, रासलीला, श्रीरामलीला, सन्त सेवा, औषधालय, पुस्तकालय आदि के साथ भजनों के आवास की व्यवस्था भी रहती है। लगभग एक मास तक चलने वाला यह महोत्सव अतीव दर्शनीय एवं परमानन्दप्रद होता है।

2-शैक्षणिक संस्थाएं :-
(1) श्रीसर्वेश्वर संस्कृत महाविद्यालय :- यह महाविद्यालय आचार्य पीठ सलेमाबाद में स्थित है तथा संस्कृत विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त है। वर्तमान में इस महाविद्यालय में प्रवेाका कक्षा-9 से शास्त्री स्तर स्नातक तक अध्ययन कर रहें है। इस महाविद्यालय में विद्यार्थियों को वेद भाषा संस्कृत के साथ-साथ वेद ऋचाओं के उच्चारण की शिक्षा प्रदान की जाती है। आचार्य पीठ में समय-समय पर होने वाले धार्मिक कार्यमों के कारण यहा पर अध्ययनरत छात्रों में धार्मिकता तथा नैतिकता का भी स्वभाविक रूप से विकास हो जाता है।
(2) श्रीसर्वेश्वर वेद विद्यालय :- यह विद्यालय भी आचार्य पीठ सलेमाबाद में ही स्थित है। यह विद्यालय राजस्थान संस्कृत अकादमी से मान्यता प्राप्त है। इस वेद विद्यालय में शुक्लयजुर्वेद संहिता का सस्वर पठन-पाठन होता है। जिससे छात्रों को वेदों के पठन-पाठन एवं उच्चारण का अभ्यास होता है।
(3) श्रीनिम्बार्क दर्शन विद्यालय :- श्रीनिम्बार्क दर्शन विद्यालय नीमगाव गोवर्धन जिला मथुरा उार प्रदो में स्थित है। यह विद्यालय लखन बोर्ड, उार प्रदो से सम्बद्ध है तथा कक्षा 12 तक मान्यता प्राप्त है। यहा पर वर्तमान सत्र 2008-09 में लगभग 30 छात्र अध्ययन कर रहें है। इन विद्यार्थियों के भोजन, प्रकाश एवं वस्त्रादि की व्यवस्था आचार्य पीठ द्वारा नि:शुल्क की जाती है।
(4) श्रीनिम्बार्क शिशु विद्यालय :- श्रीनिम्बार्क शिशु विद्यालय वृन्दावन उार प्रदो में स्थित है। यह विद्यालय उच्च प्राथमिक स्तर कक्षा-8 तक का है। यहा पर वर्तमान सत्र 2008-09 में लगभग 500 छात्र-छात्राएं अध्ययन कर रहें है।
उपरो सभी शिक्षण संस्थाएं आचार्य पीठ द्वारा संचालित है। जिनका समस्त व्यय आचार्य पीठ द्वारा वहन किया जाता है।